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सपनों की रेल

एक बिना टिकट यात्रा.....

Wednesday, July 4, 2007

सब फर्जी है


Posted by जै़गम at 1:16 PM No comments:

स्‍वीकार करें


Posted by जै़गम at 1:15 PM No comments:

कमबख्‍त चेन खींच नहीं, उखाड ले गए


Posted by जै़गम at 1:14 PM No comments:

ओफोफ पंखा भी गायब


Posted by जै़गम at 1:13 PM No comments:

हाय रे मुहब्‍बत


Posted by जै़गम at 1:11 PM 1 comment:

ट्यूबलाइट कहां गई मुझसे मत पूछिए


Posted by जै़गम at 1:08 PM No comments:

पानी कहां गिरेगा। डिब्‍बे में। बेसिन तो भाई लोग ले गए।


Posted by जै़गम at 1:06 PM No comments:
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      • पुल पर पटरियां। साइड में देखिए मेंटनेंस के लिए कोई...
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      • कर्जन को खत्‍म करने वाला दूसरा रेल पुल
      • गंगा का सूखा पाट और कर्जन पुल
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      • पुल से पटरियों का नामोनिशा मिटाया जा रहा है
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About Me

जै़गम
सीएसडीएस सराय का तहे दिल से शुक्रिया। जिसने एक बेहतरीन सफर पर जाने या यूं कहें एक नई को दुनिया को करीब से देखने का मौका दिया। दुनिया जो कम रफ्तार से दौड रही है मगर इसकी ख्‍वाहिश सबको पीछे छोड देना है। फ‍िलहाल इस दुनिया की कम स्‍पीड से दूसरी दुनिया को देखने की कोशिश जारी है। धन्‍यवाद शुभचिंतकों, मित्रों और उन लोगों को जो इस विषय में और गंभीरता लाने के लिए लगातार सुझाव दे रहे हैं, मदद कर रहे हैं
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